अँधेरे और उजाले में सदियों से अपना ठौर खोज रही है पृथ्वी। अँधेरे और उजाले में सदियों से अपना ठौर खोज रही है पृथ्वी।
दुनिया के लिए मैं जिद्दी पागल ही सही पर हृदय रखता साफ जानता है खुदा मेरा। दुनिया के लिए मैं जिद्दी पागल ही सही पर हृदय रखता साफ जानता है खुदा मेरा।
पानी का स्वाद बताऐगी प्यास ही पानी का स्वाद बताऐगी प्यास ही
तू ढाले जा स्वाद सब ,नशा न होवे मंद.. तू ढाले जा स्वाद सब ,नशा न होवे मंद..
क्या खता हुई थी मुझसे जो तुम मुझसे विरक्त हो गए हाँ ...हम अलग हो गए। क्या खता हुई थी मुझसे जो तुम मुझसे विरक्त हो गए हाँ ...हम अलग हो गए।
इतने में तो खा लेता, जमकर पूरा परिवार। इतने में तो खा लेता, जमकर पूरा परिवार।